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उड़ीसा में समुद्र में डूबने से भिलाई निवासी युवक की मौत, प्रशासनिक लापरवाही से गई जान

उड़ीसा । उड़ीसा के समुद्र तट पर लहरों में डूबने से मुकेश गुप्ता (उम्र 25 वर्ष), पिता सुरेश गुप्ता, पता रुवाबंधा हुडको भिलाई  छत्तीसगढ़ का रहने वाला हैं | मुकेश अपने पांच अन्य साथियों के साथ समुद्र तट पर घूमने गया था, जहां यह हादसा हुआ। घटना के समय मौके पर न तो कोई पुलिस अधिकारी मौजूद था|

और न ही SDRF की रेस्क्यू टीम। प्रशासनिक लापरवाही के कारण समय पर कोई मदद नहीं मिलने से एक बार फिर से एक जान चली गई| पुलिस का रवैया भी अच्छा नहीं था  वह मुकेश के दोस्त द्वारा थाने में रिपोर्ट लिखवाए जाने पर पुलिस ने कहा आप उड़िया भाषा में बताइए या इंग्लिश में | ये कहना कहा तक सही है पोस्टमार्टम के लिए ये जरूरी नहीं|

परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, मुकेश गुप्ता अपने दोस्तों के साथ समुद्र तट पर नहाने गया था। इस दौरान तेज लहरों की चपेट में आकर वह गहरे पानी में डूब गया। स्थानीय लोगों ने मदद करने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रशासनिक सहायता न मिलने के कारण मुकेश को समय पर नहीं बचाया जा सका।

घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन की बड़ी लापरवाही पर रोष व्यक्त किया। घटनास्थल पर न तो कोई सुरक्षा गार्ड, पुलिसकर्मी और न ही SDRF की टीम मौजूद थी। हादसे के बाद भी प्रशासनिक अमला काफी देर से पहुंचा।

घायल अवस्था में मुकेश को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां भी इलाज में गंभीर लापरवाही सामने आई। अस्पताल में डॉक्टरों की गैरमौजूदगी और आवश्यक संसाधनों की कमी के चलते उपचार में देरी हुई और अंततः युवक की मौत हो गई।

परिजनों ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि समय पर रेस्क्यू टीम और अस्पताल में त्वरित इलाज मिलता, तो मुकेश की जान बचाई जा सकती थी।

स्थानीय लोगों और परिजनों ने प्रशासनिक लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यह घटना साफ तौर पर प्रशासन की लचर व्यवस्था और समुद्र तटों पर सुरक्षा उपायों की पोल खोलती है।

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